Ultimate Solutions के बारे में
पहले व्यवस्था। फिर सॉफ़्टवेयर। और हर क़दम पर जवाबदेही।
Ultimate Solutions मालिक द्वारा चलाए जा रहे मैन्युफैक्चरर्स को ऐसा बिज़नेस बनाने में मदद करता है जो मालिक की जगह सिस्टम पर चले — BOSS फ्रेमवर्क™ यानी हमारे बिज़नेस ऑटोपायलट सिस्टम के ज़रिए।
फ़ाउंडर
BOSS क्यों बना।
BOSS किसी थ्योरी से शुरू नहीं हुआ। यह असली बिज़नेस के अंदर बिताए सालों से निकला है — अकाउंट्स में, ऑपरेशंस में और ERP प्रोजेक्ट्स में।
विकास जांगिड़ ने बिज़नेस के फ़ाइनेंस पक्ष से शुरुआत की: CA की पढ़ाई, फिर अकाउंट्स और रोज़ के बिज़नेस ऑपरेशंस। वहीं उन्होंने पहली बार देखा कि कंपनी का कितना काम कुछ लोगों की याददाश्त पर टिका होता है।
इसके बाद उन्होंने एक इंफ्रास्ट्रक्चर और EPC संस्था में ERP अपनाने का काम संभाला — यूज़र्स को ट्रेनिंग देना, प्रक्रियाएँ मैप करना और असली समस्याओं से जूझना: कम इस्तेमाल, साथ-साथ चलती Excel शीट, हाथ से मंज़ूरियाँ और देर से आती रिपोर्टें। बाद में उन्होंने एक मैन्युफैक्चरिंग बिज़नेस में ERPNext/Frappe इम्प्लीमेंटेशन का नेतृत्व किया।
इन सभी प्रोजेक्ट्स में एक ही सबक़ बार-बार सामने आया: ERP की सफलता सॉफ़्टवेयर से ज़्यादा प्रक्रियाओं, ज़िम्मेदारी और अपनाने पर निर्भर करती है। बिज़नेस के पास टूल्स की कमी नहीं थी। कमी थी सिस्टम की — और हर दिन उस कमी को मालिक भर रहे थे।
BOSS वह फ्रेमवर्क है जो उन्होंने इसे ठीक करने के लिए बनाया: पहले मापो कि बिज़नेस मालिक पर रोज़ की निर्भरता के बिना चलने के लिए कितना तैयार है, फिर वहाँ तक पहुँचने के लिए प्रक्रियाएँ, ज़िम्मेदारी, रिपोर्टिंग और ऑटोमेशन बनाओ।
- अकाउंट्स और बिज़नेस ऑपरेशंसख़ुद देखा कि काम लोगों पर कैसे निर्भर रहता है
- ERP अपनाना — इंफ्रास्ट्रक्चर और EPCट्रेनिंग, प्रोसेस मैपिंग और बदलाव का प्रबंधन
- ERPNext/Frappe इम्प्लीमेंटेशन — मैन्युफैक्चरिंगबढ़ते बिज़नेस की प्रक्रियाओं को डिजिटल बनाना
- BOSS फ्रेमवर्क™मालिक द्वारा चलाए जा रहे मैन्युफैक्चरर्स के लिए एक बिज़नेस ऑटोपायलट सिस्टम
सिद्धांत
हमारे काम के पीछे के सिद्धांत।
- 01
इलाज से पहले जाँच
हर काम रेडीनेस ऑडिट से शुरू होता है — आपकी असली प्रक्रियाएँ, रुकावटें और जवाबदेही की कमियाँ।
- 02
डॉक्यूमेंट नहीं, नतीजे
SOP, KPI और डैशबोर्ड तो डिलीवरेबल्स हैं। असल में आप ख़रीदते हैं बेहतर कंट्रोल, बेहतर रिपोर्टिंग और कम निर्भरता।
- 03
ज़्यादा निगरानी से बेहतर है साफ़ ज़िम्मेदारी
KRA और RACI साफ़ करते हैं कि कौन ज़िम्मेदार है, कौन फ़ैसला लेता है, और कब बात ऊपर ले जानी है।
- 04
परफ़ेक्ट से ज़्यादा व्यावहारिक
SOP और चेकलिस्ट फ़ाइलों में रखने के लिए नहीं, शॉप-फ़्लोर पर इस्तेमाल के लिए लिखी जाती हैं।
- 05
जो तय किया, वही मापिए
KPI और रिव्यू की नियमित लय ध्यान उन संकेतकों पर रखते हैं जो आपके बिज़नेस के लिए मायने रखते हैं।
- 06
टेक्नोलॉजी, सही क्रम में
पहले स्टैंडर्ड बनाइए, फिर तय कीजिए कि क्या ऑटोमेट करना है और ERP उसमें कैसे मदद करे।
- 07
ईमानदार प्रतिबद्धताएँ
हम अपने नियंत्रण वाले डिलीवरेबल्स की ज़िम्मेदारी लेते हैं और साफ़ कहते हैं कि बिज़नेस नतीजों की गारंटी नहीं दी जा सकती।
हम कैसे काम करते हैं
हर काम में तीन भूमिकाएँ।
कंसल्टेंसी, इम्प्लीमेंटेशन और कोचिंग — हर एक ऑटोपायलट तक के सफ़र का अलग हिस्सा संभालता है।
जाँच और योजना
कंसल्टेंसी
- बिज़नेस ऑटोपायलट रेडीनेस ऑडिट
- BOSS स्कोर और मैच्योरिटी लेवल
- 90 दिन का रोडमैप
सिस्टम बनाना
इम्प्लीमेंटेशन
- प्रोसेस मैप और SOP
- KRA, KPI और RACI
- ERP अलाइनमेंट और डैशबोर्ड
टिकाऊ बनाना
कोचिंग
- व्यवस्थित इम्प्लीमेंटेशन रिव्यू
- टीम द्वारा अपनाना और ट्रेनिंग
- गवर्नेंस और लगातार सुधार
अगला क़दम
देखिए आपका बिज़नेस सबसे ज़्यादा कहाँ आप पर निर्भर है।
डिस्कवरी कॉल से शुरुआत करें — या पहले अपना फ्री BOSS स्कोर पाएँ।